Friday, August 15, 2008

ब्लॉग की नई पोस्ट के ईमेल प्रचारकों से आज़ादी चाहिए?

सर्वप्रथम स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को बधाइयाँ।

मुझे एक मित्र ने ईमेल करके कहा कि यार! मैं उन ईमेलों से बहुत परेशान हूँ, जिनमें लोग अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की सूचना/प्रचार भेजे होते हैं। दिन भर में कम से कम २० ईमेल इस तरह के आते हैं, वो भी ऐसे लोगों के जिन्हें मैं बिल्कुल नहीं जानता।

कल ही मैंने देखा कि इन्हीं चीजों से परेशान होकर ऋषि एस॰ ने एक तरीका बताया कि ब्लॉगस्पॉट सम्बंधी ईमेल से कैसे मुक्त हुआ जाय। मैंने सोचा कि आज स्वाधीनता दिवस पर लोग तरह-तरह की स्वाधीनता की बात कर रहे हैं। मैं ठहरा तकनीकी आदमी, तो सोचा कि जुगाड़ लगाकर ब्लॉग का प्रचार लिए हुए कचरा ईमेलों से कैसे आज़ाद हुआ जाय, तो, क्यों न इस पर ग्राफिकल मदद की एक पोस्ट बनाई जाय!

तो यदि आप भी इस तरह के ईमेलों से परेशान हैं, तो आइए जानते हैं कि जीमेल में एक फिल्टर लगाकर कैसे सारे ईमेल रोके जा सकते हैं (लगभग ऐसे ही याहूमेल, रेडिफमेल, हॉटमेल इत्यादि सर्विसों में फिल्टर लगाया जा सकता है)।

१॰ अपने जीमेल में लॉगिन होने के पश्चात, दायीं तरफ, बिलकुल ऊपर देखें, सेटिंस्स (Settings) का विकल्प दिखेगा। उसपर क्लिक करें।



२॰ ढेरों विकल्प आ जायेंगे, उसमें से आप फिल्टर्स (Filters) पर क्लिक करें।



३॰ फिर Create a new filter का विकल्प आयेगा, उस पर क्लिक करें।



४॰ निम्न तस्वीर की भाँति कुछ फॉर्म खुल जायेंगे।



५॰ Has the words का फील्ड देखें, उसमें blogspot टाइप करें। और नीचे मध्य वाले बटन (Test search) पर क्लिक करके सुनिश्चित करें कि अब तक के कितने ईमेल में blogspot नाम का शब्द उपस्थित है।



आप पायेंगे कि बहुत से ऐसे भी ईमेल हैं जिनमें आपके मित्रों, परिचितों या खुद के ब्लॉग से संबंधित बाते हैं। शायद आप उन्हें कभी न हटाना चाहें। इसका भी उपाय है।

६॰ मान लें आपको merekavimitra.blogspot.com से संबंधित ईमेलों से परेशानी नहीं है, तो Doesn't have फील्ड में टाइप करें merekavimitra.blogspot.com और फिर से (Test search) पर क्लिक करें, और सुनिश्चित करें कि पहले से फिल्टर्ड ईमेल में क्या अब कोई merekavimitra.blogspot.com से संबंधित ईमेल है? आप पायेंगे नहीं। मतलब आपका काम हो चुका है। अब आप Next Step पर क्लिक करें।



७॰ निम्न चित्र की भाँति कुछ विकल्प खुल जायेंगे। आप Skip the inbox (archive it) का बटन checked कर दें। इससे आपको blogspot के अवांछित ईमेल नहीं आयेंगे, लेकिन जीमेल में सुरक्षित रहेंगे। बाद में देखना चाहें तो All mail के विकल्प से देख सकते हैं। Creat Filter पर क्लिक करके वांछित फिल्टर बना लें।



इस प्रकार आप अनगिनत फिल्टर बना सकते हैं और किसी भी तरह के अवांछित मेलों से आज़ादी (छुटकारा) पा सकते हैं।

ऐसे ही यदि आप अन्य ब्लॉग URLs से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो फिल्टर बना सके हैं। wordpress ke ब्लॉग के स्पैम से आज़ादी के लिए Has the words में wordpress लिखें और जिस ब्लॉग पते को फिल्टर नहीं करना चाहते, उसे Doesn't have में वो पता भरें। Wordpress के ब्लॉगों के लिए फिल्टर तैयार हो जायेगा।

और कोई सवाल हो तो लिखें।

21 comments:

अनुराग August 15, 2008 at 2:24 PM  

yahoo vale kya kare guru ji...?

डॉ. श्रीकृष्ण मित्तल August 15, 2008 at 2:38 PM  

bahut khub aajadi divas per bahut achchhi suchna

Udan Tashtari August 15, 2008 at 5:58 PM  

स्वतंत्रता दिवस की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.

सुभाष नीरव August 15, 2008 at 6:48 PM  

बहुत बढ़िया विकल्प सुझाया है आपने आज़ादी दिवस पर इन अनचाहे ईमेल से आज़ाद होने का। धन्यवाद भाई शैलेश जी !

सुशील कुमार छौक्कर August 15, 2008 at 7:43 PM  

शैलेश जी, आजादी की नई सुबह मुबारक हो। तरीका तो ठीक बताया मैने तो पहले ही इस्तेमाल किया कर लिया था। पर अगर has the words में blogspot डाल देगे पर जो आदमी अपने ब्लोग के नाम से हमें हमारी रचना पर comment देगा उसका क्या। वो भी तो फिल्टर हो जाऐगा। हमे comment नही मिलेगा।

शैलेश भारतवासी August 15, 2008 at 7:46 PM  

अनुराग जी,

याहू में भी लगभग ऐसे ही फिल्टर बना सकते हैं। याहू मेल में लॉगिन करने के बाद दायीं तरफ 'Options' का लिंक मिलेगा। उसपर क्लिक करें। फिर आपको Filters बनाने के विकल्प दिखेगा।
‌‌~~'Add' पर क्लिक करें
‌‌‌‌~~एक जीमेल की तरह का ही फॉर्म खुलेगा। फिल्टर को नाम दें।
~~body में contains mein 'blogspot' लिखें, और does not contains mein आप अपने ज़रूरत का URL लिखें।

शेष आप खुद समझ जायेंगे।

Seema Kumar August 15, 2008 at 7:48 PM  

इसमें एक समस्या यह है कि जो लोग सिर्फ 'सिगनेचर' में अपने ब्लाग का नाम इस्तेमाल करते हैं वो भी फिल्टर हो जाएँगे ... है न ?
- सीमा कुमार

शैलेश भारतवासी August 15, 2008 at 7:51 PM  

सुशील जी,

क्या आप कमेंट को अपने ईमेल में मँगाते हैं?
ब्लॉग के पते से कैसे कमेंट आते हैं? एक उदाहरण दें, तब मैं समझ सकूँगा।

शैलेश भारतवासी August 15, 2008 at 7:52 PM  

सीमा जी,

आपकी बात सही है। फिर एक तरीका यह बचता है कि सभी प्रचारकों को अलग-अलग स्पैम किया जाय।

राष्ट्रप्रेमी August 15, 2008 at 9:48 PM  

शैलेश जी
मुझे फ़िल्टर तो नहीं लगाना, जिन्हें नहीं पढ्ना होगा नहीं पढूगा किन्तु एक बात ध्यान में आई कि लोग नई पोस्ट के प्रचार से परेशान भी होते हैं.
तोबा! तोबा! मैं आज के बाद ऐसी कोई मेल किसी को नहीं भेजूंगा.
इतने सुन्दर विषय को उठाने के लिये धन्यवाद!

डा० अमर कुमार August 16, 2008 at 12:58 AM  

शुभकामनायें... केवल शुभकामनायें ही, इससे आगे...
और हम कूश्श नेंईं बोलेगा ।
जैसे अब तक काम चलाते आये हैं,
वैसे ही सिरिफ़ शुभकामनाओं से अपना काम चलाइये नऽ !
ऒईच्च..हम बोलेगा तो बोलोगे की बोलता है,
ईशलीए हम कूश्श नेंईं बोलेगा ...

रंजन राजन August 21, 2008 at 2:20 AM  

आपके ब्लॉग पर आना अच्छा लगा। आजादी दिवस पर बहुत अच्छी सूचना.

दिनेशराय द्विवेदी August 28, 2008 at 5:34 PM  

आने दो यार इन मेलों को, एक हटाना ही तो पड़ता हैं क्यों किसी का जी दुखाएँ। हाँ किसी का जी दुखता हो तो रास्ता आपने बता ही दिया।

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर November 2, 2008 at 8:49 PM  

अरे भाई !
मैं तो सबको देखता हूँ
पढू या न पढू
इसी बहाने नई बातें सीखने को मिलती हैं

फ़िर भी जानकारी के लिए शुक्रिया

bhoothnath December 9, 2008 at 11:53 PM  

भाई मैं भी आज तक यही करता आया हूँ....मगर आज ये आलेख पढ़कर ऐसा लगा कि मैंने कोई पाप कर दिया हो....और लोगों के लिए अनचाही मेल बन रहा हूँ....मेरी समझ से ख़ुद को बतलाने का तरीका अन्य कोई था भी नहीं....फ़िर अनचाही चीजों को एक क्लिक-मात्र से डिलीट भी किया जा सकता है...या व्यक्ति-विशेष को ये सूचना भी मेल की जा सकती है...कि आईंदा आप हमें रचनाएं ना पढाएं मेरे बाप जी....मैं अपनी मर्जी से आपको पढूंगा....अब कोई किसी को कैसे पढेगा अगरचे वो किसी अनजान को जानता भी नहीं और ब्लॉग-पता भी मालूम नहीं.....हम बाज़ार से कोई किताब खरीदते हैं तो उसमे साड़ी रचनाएं थोड़े ना पढ़ जाते हैं....उसी तरह जो ना समझ आए...उसे डिलीट....और क्या बस....!!क्या पता कब कौन समझ आ जाए.....!!

Anonymous December 15, 2008 at 4:56 PM  

"शीला तेरी जग मैं शान "
अनुभव कर हमने यह जाना
शीला तेरी जग मे शान [२]
असंभव को संभव कर दिखलाया, कर दीनी हर मुस्किल आसान !!
अनुभव कर हमने यह जाना !
शीला तेरी जग शान [२]
कोयल जैसा स्वर है तेरा
फूलों जेशी होठों पर मुस्कान [१]
जग में ऐसी सूझ -बुझ को
मिलता रहा सदा सम्मान [!!]
अनुभव कर हमने यह जाना !
शीला तेरी जग शान [२]
नारी सहयोग बिना ,
देश बनता न महान !
सोनिया के कारण ही ,
मन मोहन सिंह प्रधान !!
अनुभव कर हमने यह जाना !
सोनिया तेरी जग मै शान [२]
शीला तू प्रभात का हीरा है !
रात के तारो मै तू धूर्व तारा हे !!
प्रक्रति ने करिश्मा दिखाने !
तुझे दिल्ली धरा पर उतारा है !!
जनता ने भी दिया तुझे ,
शीत ऋतू मै धुप का सहारा हे !
तुने कठिन राह बनाई ,
सुन्दर स्वर्ग सम्मान !
अनुभव कर हमने यह जाना !
शीला तेरी जग शान [२]
ठाकुर रामगोपाल सिंह हिरन्कार बाज़ार उमराव गंज अतरौली [अलीगढ़] उतर प्रदेश

प्रकाश बादल December 16, 2008 at 11:48 PM  

achhi jaanakaaree

नरेश सिह राठौङ June 11, 2010 at 6:19 PM  

बहुत काम की जानकारी है

vipin sharma May 9, 2011 at 10:27 AM  

nice hai brother..
i m vipin sharma from udaipur rajasthan...
dancerandpoet.blogspot.com

जीतेन्द्र जीत July 17, 2012 at 1:16 PM  

गुजरते हुए दिन

जीतेन्द्र जीत

उत्तमनगर पश्चिम/12.07.2012/5.26/सायं

दारा सिंह

रेडियो और प्रमुख टीवी चैनलों पर दारा सिंह के निधन का समाचार आ रहा है। आज सुबह साढ़े सात बजे मुबंई में उनका निधन हो गया। दो-तीन दिनों से टीवी, सामाचार पत्रों में दारा सिंह के अस्वस्थ और हॉस्पीटल में भर्ती होने का समाचार आ रहा था। और आज सुबह टीवी से यह समाचार आया था कि डाक्टरों ने कहा, अब उनका इलाज नहीं हो सकता। इसके साथ ही उनके लड़के का भी इन्टरव्यू था कि उन्हें घर ले आया गया है और किसी भी समय बुरी खबर आ सकती है।
आज के समाचार पत्रों में उनका ब्रेन डेड होने का समाचार था। वे 84 वर्ष के थे।
ये वही दारा सिंह थे जिनकी पहलवानी की एक समय संपूर्ण भारतवर्ष के गाँव-गाँव में चर्चा थी और बच्चे लोग भी बात-बात में कहा करते थे कि दारा सिंह हो गया है क्या? या बाँह ठोंकते हुए कहते-क्या समझते हो, दारा सिंह हूँ!

पंजाब उनका जन्म स्थान था लेकिन वे संपूर्ण भारतवर्ष के थे और विश्व विजेता पहलवान थे। बाद मे वे फिल्म में आ गये और वहाँ भी चर्चित रहे।

वे अनेक पदकों से विभूषित थे।

एक समय जब नेपाल-भारत का सम्बन्ध बिगड़ गया था तो नेपाल के गीतकारों ने एक व्यंग्य कैसेट बनाया जिसमें गीत था कि लड़ना चाहो तो दारा सिंह को (भारत की ओर से) भेज देंगे।

ऐसे थे दारा सिंह! देश-विदेश में चर्चित।

हर ओर उनकी चर्चा है।

मो. 09717725718/09654148379

Anonymous October 1, 2013 at 12:08 AM  

Very Good information and very usefully information
Very - 2 Thanks
To
Mohit

Post a Comment

Back to TOP