Wednesday, April 15, 2009

'वोट दो' अभियान का हिस्सा बनायें, ब्लॉगर का धर्म निभायें

कल भारतीय लोकतंत्र के अगले 5 वर्ष के भविष्य के फैसले का पहला दिन है। विश्लेषक शिकायत करते हैं कि पढ़ने-कमाने वाली जनता, खुद को स्मार्ट कहने वाली जनता वोट देने नहीं जाती, इसलिए लोकतंत्र को असल ज़िदंगी में हम वैसा नहीं पाते जैसा हम इसे देखना चाहते हैं, बनाना चाहते हैं।

हिन्द-युग्म ने तय किया कि अपनी रचनात्मक टीम की मदद से ऐसे ही पढ़े-लिखे लोगों को जगाने की कोशिश करेगी। ताकि ये हालात पर केवल चिंता न व्यक्त करके, बदलाव का पहला कदम खुद बुनें।

इसलिए हमने मनीष वंदेमातरम्, अनिल कुमार त्रिवेदी, विनय के॰ जोशी, निखिल आनंद गिरि और सीमा सचदेव जैसे कवियों की मदद और प्रशेन एण्ड टीम ग्राफिक्स डिजाइनर की मदद से कुछ पोस्टर/हैडर/बैनर को बनवाया।

हम आपसे से आग्रह करते हैं कि नीचे दिये गये ग्राफिक्स में से अपनी पसंद का ग्राफिक्स चुनें और उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचायें।

तरीका-1 : आप नीचे दिये गये पोस्टर को ईमेल द्वारा भेज सकते हैं, HTML कोड कॉपी करके ऑरकुट/फेसबुक के दोस्तों को भेज सकते हैं, अपना डेस्कटॉप सजा सकते हैं। अपने ब्लॉग, अपनी वेबसाइट, अपने फोरम पर इसे लगा सकते हैं।
इस्तेमाल कैसे करें






































तरीका 2- इन बड़े पोस्टरों को आप ईमेल द्वारा भेज सकते हैं, ऑरकुट में शेयर कर सकते हैं, अपने ब्लॉग पर अलग से पोस्ट बनाकर प्रकाशित कर सकते हैं। अनारकली-सलीम वाला पोस्टर तारीख के हिसाब से (जब आपके यहाँ चुनाव हो) लगा सकते हैं।
इस्तेमाल कैसे करें































तरीका 3- हम कुछ हैडर (header) दे रहे हैं, जिसे आप ईमेल द्वारा भेज सकते हैं, ऑरकुट में शेयर कर सकते हैं। यदि आपके पास ब्लॉग है तो आप इसे अपने ब्लॉग के हैडर के रूप में लगा सकते हैं। यदि आप 'हिन्द-युग्म' के 'लोगो' के बिना इसे लगाना चाहें तो हम वो भी विकल्प आपको दे रहे हैं।
इस्तेमाल कैसे करें

















































































विधि-
1. (blogger) ब्लॉग पर लगाने के लिए डैशबोर्ड से 'Layout' में जायें, 'Add A Gadget' पर क्लिक करें। फिर HMTL/Javascript पर क्लिक करें। 'Content' के बक्से में कोड पेस्ट करें और अपनी मर्जी का शीर्षक चुनकर Save कर लें (सहेज लें)।
(wordpress) ब्लॉग में लगाने के लिए डैशबोर्ड से उस ब्लॉग के 'Design' में जायें जिसमें इस पोस्टर को लगाना चाहते हैं। फिर Widget पर क्लिक करें। ढेरों विकल्प आयेंगे। आप 'Text' को जोड़ें। फिर दायीं तरफ Text की एक पट्टी बन जायेगी, उसके Edit पर क्लिक करें और सहेज लें। (याद रखें माउस की जगह CTRL+v से पेस्ट करें)।

2. ऑरकुट के लिए कोड को सीधे स्क्रेपबुक में पेस्ट करें।
3. ईमेल सिग्नेचर के लिए ईमेल सेटिंग में जाकर 'सिग्नेचर' के HTML विकल्प में उपर्युक्त कोड पोस्ट करें।
4. ब्लॉग का हैडर पर लगाने के लिए-
पहले अपनी पसंद के हैडर को अपने कम्प्यूटर में सुरक्षित कर लें।
Header पर दायाँ क्लिक (Right Click) करें, Save Image As या Save Picture As का विकल्प आयेगा। उस पर क्लिक करके हैडर को अपने सिस्टम पर वहाँ सेव कर लें, जो जगह आपको याद रहे।
blogger.com में लॉगिन करें। 'Layout' में जायें। ध्यान से देखें आपको 'header' का ब्लॉक दिखेगा। उसके Édit' पर क्लिक करें। हैडर इमेज को सिस्टम से चुनें और सहेज़ लें।

11 comments:

संगीता पुरी April 16, 2009 at 12:00 AM  

बहुत बढिया प्रयास ... कोड पेस्‍ट कर दिया आपने ब्‍लाग पर।

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' April 16, 2009 at 9:34 AM  

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लोकतंत्र का यही तकाज़ा
चलो करें मतदान।

मत देना मत भूलना
यह मजहब, यह धर्म।

जो तुझको अच्छा लगे
तू बढ़ उसके साथ।

जो कम अच्छा या बुरा
मत दे उसको रोक।

दल को मत चुनना
चुनें अब हम अच्छे लोग।

सच्चे-अच्छे को चुनो
जो दे देश संवार।

नहीं दलों की, देश
अब तो हो सरकार।

वादे-आश्वासन भुला, भुला पुराने बैर।
उसको चुन जो देश की, कर पायेगा खैर।

******************************

संजय बेंगाणी April 16, 2009 at 10:52 AM  

सुन्दर प्रयास..साधूवाद...मतदान करना लोकतंत्र व देश की कदर करने समान है. जय हिन्द...

Science Bloggers Association April 16, 2009 at 11:17 AM  

बहुत अच्‍छा प्रयास है। इस चेतना के लिए आप बधाई के पात्र हैं।

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तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

Anonymous April 16, 2009 at 6:10 PM  

vote kyo nahi kerte tum
ha vote kyo nhai kerte tum
savidhan ka leker hathooda
chot kyo nahi kerte tum
baith ke socha kerte ho
office me charcha kerte ho
movie masti siar sapata
hotel me kharcha kerte ho
sab ki chinta kerte ho
per desh ki jara bhi nahi kerte tum
vote kyo nahi kerte tum
ha vote kyo nahi kerte tum
savidhan ka leker hattoda
chot kyo nahi kerte tum
ha vote kyo nahi kerte tum

neeraj pal

neerajkavi@gmail.com
www.neerajkavi.blogspot.com

Anonymous April 17, 2009 at 8:22 PM  

bahut he sunder poster vote k liye prerit karne k liye
sumit bhardwaj

Anonymous April 19, 2009 at 12:36 PM  

please vote this is my msg to the youth of the india

manu April 29, 2009 at 5:35 AM  

कल ही सारथी जे ने इन नारों और पोस्टर्स के बारे में बताया,,,,,,,,
वाकई एक से बढ़कर एक आइडिया ,,,,,बेहद असरदार पोस्टर्स ,,,,
असरदार नारों के साथ,,,,,
सभी कलाकार बधाई स्वीकारें,,,,
सबको नमन,,,,

Master of Earth May 4, 2009 at 6:41 PM  

We must VOTE if we want to have a better and safer INDIA

Suman Dubey March 27, 2011 at 5:22 PM  

vote do dhram hmara dhvar par tere yachk aaya bhrstachari ko chote do apradhii ko rok do vote do vote do dhrm tuhmra

humdard August 16, 2013 at 5:42 PM  

वैचरिक दृषिट दृष्टि से आज देश मे सही लोगों का टोटा है. अन्ना आन्दोलन से कुछ उम्मीद बंधी थी, लेकिन कुछ काल में ही ऐसे आंदोलन का रेत के महल की तरह ढह जाना अखर रहा है। दुखद बात यह जरूर है कि इतने बड़े देश में कोई भी जमात ऐसी नहीं खड़ी हो पा रही है जो वर्तमान राजनीति का परिष्कार करे या उसे ऐसा करने के लिए मजबूर करे? एक अरब से भी अधिक आबादी में ऐसे एक लाख लोग भी लामबंद नहीं हो पा रहे जो इंसाफ, ईमानदारी और सच्चाई की लौ को प्रकाशित करते हुए देशहित को सर्वोपरि रखें। इसी कमी के कारण राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले लोग अपना परिष्कार करने के लिए तैयार नहीं हैं। अन्याय, अत्याचार, मिलीभगत, जुगाड़तंत्र आदि से धनतंत्र व गुंडातंत्र की नींवे निरंतर मजबूत की जा रही हैं और उन पर बने महल कैसे होंगे, इसकी कल्पना ही की जा सकती है। आज देखा जाए तो सही सोच वाले व्यक्ति के लिए निराशा-हताशा का माहौल है, दिशाहीनता ललकार रही है, मनमानी और अहंकार लोकतंत्र को लंगड़ा कर रहे हैं।

उदाहरण के लिये सूचना अधिकार को लिजिये जिसे जनहित में बताया जा रहा है। लेकिन राजनीतिक पार्टियां उसके दायरे में आने से बचना चाहती हैं। यानी और पर यह कानून लागू हो तो ठीक, लेकिन उन पर लागू हो तो उच्चतम न्यायालय के फैसले को बदलने के लिए सब लामबंद। क्या इसी तरह का लोकतंत्र परिपक्व हुआ है हमारे देश में कि अपने अनुकूल न हो तो नियम-कायदे बदल डालो!

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