Saturday, December 19, 2009

गूगल IME - हिन्दी में टाइप करने का सरलतम साधन

आज से लगभग दो वर्ष पहले जब मैं लोगों को ऑनलाइन हिन्दी टाइपिंग टूल के बारे में बताता था तो सबसे पहले गूगल का ट्रांसलिटरेशन (लिप्यंतरण) टूल के बारे में बताता था। और ऐसे लोगों को जो कि पहली बार हिन्दी में टाइप कर रहे होते थे, उन्हें सबसे अधिक यही टूल पसंद भी आता था।

लेकिन इस टूल की अपनी सीमाएँ हैं-
1) इंटरनेट कनैक्शन के लगातार बने रहने पर ही यह काम करता है।
2) इंटरनेट कनैक्शन सतत नहीं है, या आप डायल-अप कनैक्शन के उपभोक्ता हैं तो बहुत सम्भव है कि कई शब्द रोमन से देवनागरी में बदले ही ना।
3) और जबसे गूगल ने गूगल ट्रांसलिटरेशन बुकमार्कलेट ज़ारी किया तब से इनका अजाक्स फीचर और भी दुखदायी हो गया है।

मुझे याद है यूनिप्रशिक्षण के दौरान कम से कम 500 प्रशिक्षुओं ने मुझसे पूछा होगा कि गूगल की यह सुविधा ऑफलाइन इस्तेमाल के लिए नहीं मिल सकती? मैं कहता कि मैं तो इन सुविधाओं का प्रचारक हूँ, बनाने वाला होता तो ज़रूर बना चुका होता। इस संदर्भ मैंने गूगल-दरबार में 1-2 बार गुहार भी लगाई। खैर उन गुहारों का असर तो नहीं हुआ लेकिन बाज़ार का असर हुआ। माइक्रोसाफ्ट द्वारा हिन्दी के अतिरिक्त कई अन्य भारतीय भाषाओं में आईएमई(इनपुट मेथड एडीटर) ज़ारी किये जाने के बाद शायद प्रतिस्पर्धा का ही परिणाम था कि गूगल ने अपना आईएमई टूल जारी कर दिया।

हाँ, तो मैं इस खुशख़बरी के साथ हाज़िर हूँ कि यदि आप गूगल के ट्रांसलिटरेशन टूल के साथ बने रहना चाहते हैं लेकिन किसी ऑनलाइन बाक्स, ऑरकुट, जीमेल में टाइप करने के ताम-झाम से बचना चाहते हैं तो गूगल ने अपना ट्रांसलिटरेशन आईएमई टूल ज़ारी कर दिया है। गूगल ने यह टूल एक साथ 14 भाषाओं (अरबी, फ़ारसी (पर्सियन), ग्रीक, बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, तमिल, तेलगू और ऊर्दू) में टाइप करने के लिए ज़ारी किया है। मैं यह ट्यूटोरियल हिन्दी के IME टूल के लिए तैयार कर रहा हूँ।

क्या खा़स है इस टूल में-

1) इंटरनेट कनैक्शन की कोई आवश्यकता नहीं- आप एक बार इंस्टॉल कर लें, फिर आपके पास इंटरनेट कनैक्शन हो या न हो, कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
2) आसान कीबोर्ड- गूगल के इस टूल से लोगों की यह भी शिकायत रहती थीं कि वे हिन्दी के चालू शब्द तो टाइप कर लेते थे, लेकिन कई संस्कृतनिष्ठ शब्द नहीं टाइप हो पाते थे। जैसे बहुत कोशिशों के बाद भी 'हृदय' लिखना मुश्किल होता था, 'ह्रदय' से ही काम चलाना पड़ता था। जो लोग इस टूल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस टूल की सीमाओं का पता है। अब नये IME में गूगल ने एक कीबोर्ड दिया है, जिसकी मदद से आप दुर्लभ और जटिल शब्द भी टाइप कर सकते हैं।
3) शब्दों की पूर्ति- इसमें शब्दकोश आधारित शब्द पूर्ति पद्धति सक्रिय है। इसकी मदद से टाइप करने वाले को यह आसानी होती है कि जैसे ही वह किसी शब्द के 2-3 अक्षर टाइप करता है, गूगल का यह सिस्टम इससे बन सकने वाले शब्दों का सुझाव देने लगता है। जैसे- 'हिन्दी' लिखना है, hi टाइप करते ही 'हिन्दी' का विकल्प प्रदर्शित हो जाता है।
4) खोज का विकल्प- इस टूल के साथ हर शब्द, शब्द-युग्म और सम्भावित शब्द के नीचे एक तीरनुमा आकृति बनी है, जिसपर क्लिक करने से Search (खोज) का विकल्प आता है, उसपर क्लिक करते ही गूगल उस शब्द से संबंधित खोज परिणाम प्रदर्शित करने लगता है। टाइपिंग पट्टी के ऊपरी दायें कोने में भी गूगल का ऑइकॉन है, जिसपर क्लिक करके गूगल-सर्च किया जा सकता है। इस विकल्प के जुड़े रहने से देवनागरी-सर्च को भी बढ़ावा मिलेगा।
5) वैयक्तिक चयन- गूगल का यह टूल आप द्वारा किये गये संशोधनों को भी अपने ध्यान में रखता है और अगली बार आपके रोमन अक्षरयुग्मों से उन्हीं शब्दों का सुझाव देता है जो आप द्वारा वांछित है। जैसे आप 'kam' से 'काम' की जगह 'कम' लिखना चाहते हैं तो अगली बार से यह आपकी पसंद का ख्याल रखता है।
6) सुखद अनुकूलन- गूगल इस टूल में फॉन्ट चयन, साइच चयन का विकल्प भी प्रदान करता है, जिससे आप अपनी पसंद के स्टाइल में टाइपिंग कर सकें।

अब इतना जान लेने के बाद आप यह ज़रूर जानना चाहेंगे कि इसे आप अपने सिस्टम में संस्थापित (इंस्टॉल) कैसे करें।

1) यहाँ क्लिक करके इसका सेट-अप डाउनलोड करें (आप चाहें तो इस टूल के अधिकारिक पृष्ठ पर जाकर भी सेट-अप डाउनलोड कर सकते है)।
2) एक ही क्लाइंट मशीन पर एक से अधिक भाषाओं का IME सेट-अप चलाया जा सकता है।
3) यह टूल Windows 7/Vista/XP 32-bit ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करता है।
4) जब इंस्टॉलर डाउनलोड हो जाये तो उसे चलायें। यह कुछ डाउनलोड करने की शुरूआत करेगा।
5) नियम व शर्तों को स्वीकार करें-

6) गूगल इनपुट सेट-अप इंस्टॉल हो रहा है-

7) फिनिश बटन पर क्लिक करके इंस्टॉलेशन विज़ार्ड से बाहर आयें-


विन्यास (कन्फिगरेशन)

आप यदि इस टूल को चलाना चाहते हैं तो पहले तो आपके सिस्टम में यूनिकोड का सपोर्ट इंस्टॉल होना चाहिए। इसके लिए आप Control Panel -> Regional and Language Options -> Languages tab -> Install files for complex scripts and right to left languages और Install files for East Asian languages दोनों को चेक्ड करके इंस्टॉलर सीडी द्वारा इंस्टॉल करें। इसके बाद आपके टूलबार में भाषा का विकल्प दिखने लगेगा। भाषा के इस विकल्प को लैंग्वेज बार भी कहते हैं।

यदि लैंग्वेज-बार न दिखे तो।
डेस्कटॉप पर राइट क्लिक करें (दायाँ क्लिक करें) और टूलबार में जायें और निम्नलिखित चित्र की भाँति लैंग्वेज़ बार इनेबल करें।



यदि फिर भी लैंग्वेज बार नहीं दिखता तो निम्नलिखित तरीके से लैंग्वेज बार दिखायें-

Windows 7/Vista

  1. Control Panel -> Regional and Language Options -> Keyboard and Languages tab
  2. Text services and input languages dialog खोलने के लिए Change keyboards पर क्लिक करें।
  3. Language Bar tab पर क्लिक करें
  4. लैंग्वेज़ बार वर्ग से Docked in the taskbar रेडियो बटन को इनेबल (सक्रिय) करें।
  5. उपर्युक्त सभी सेटिंग को इप्लाई करें और देखने की कोशिश करें कि आपके टूलबार में लैंग्वेज बार देखें।

Windows XP
  1. जायें-Control Panel -> Regional and Language Options -> Languages tab -> Text services and input languages (Details) -> Advanced Tab
  2. यह सुनिश्चित कीजिए कि System configuration विकल्प के अंतर्गत Turn off advanced text services चेक्ड नहीं है।
  3. जायें- Control Panel -> Regional and Language Options -> Languages tab -> Text services and input languages (Details) -> Settings Tab
  4. Language Bar पर क्लिक करें
  5. Show the Language bar on the desktop चुनें और OK पर क्लिक करें।

IME का Shortcut कैसे सक्रिय करें-

हालाँकि आप लैंग्वेज बार से अंग्रेजी और हिन्दी को बारी-बारी से चुनकर दोनों भाषाओं के बीच टॉगल कर सकते हैं, लेकिन यदि आप अपने कीबर्ड से कोई शार्टकर्ट का इस्तेमाल करके किसी भी अनुप्रयोग में इसे चलाना चाहते हैं तो निम्नलिखित तरीके से कर सकते हैं-

Windows 7/Vista

  1. Control Panel -> Regional and Language Options -> Keyboard and Languages tab

  2. Text services and input languages dialog खोलने के लिए Change keyboards... बटन पर क्लिक करें।

  3. Advanced Key Settings tab खोजें और इसपर क्लिक करें।

  4. यदि Google Input उस लिस्ट में नहीं है तो Add पर क्लिक करें। Add Input language dialog box में भाषा विकल्प में हिन्दी और कीबोर्ड में Google Input चुनें।

  5. Hot keys for input languages वर्ग में - Google Input पर जायें।

  6. Change Key Sequence दबायें

  7. Enable Key Sequence चुनें

  8. Left ALT + SHIFT + Key 1 जैसा कोई विकल्प चुनें।

  9. ऊपर्युक्त सभी सेटिंग को एप्लाई करें।

  10. अब नोटपैड, वर्डपैड जैसे किसी अनुप्रयोग को खोलकर यह चेक करें कि शॉर्टकर्ट काम कर रहा है या नहीं। Left ALT + SHIFT + Key 1 दबायें और देखें कि हिन्दी में लिख पा रहे हैं या नहीं।


Windows XP


  1. Control Panel -> Regional and Language Options -> Languages tab -> Text services and input languages (Details) -> Settings Tab
  2. यदि या Google Installed Services बॉक्स में भाषा के रूप में नहीं जुड़ा है, तो Add पर क्लिक करके Add Input language dialog box खोलें Input language में जोड़े और Keyboard layout/IME में Google Input चुनें। OK पर क्लिक करें।
  3. Key Settings पर क्लिक करें।
  4. Hot keys for input languages में Switch to -Google Input चुनें
  5. Change Key Sequence पर क्लिक करें
  6. Enable Key Sequence चुनें
  7. Left ALT + SHIFT + Key 1 जैसा कोई विकल्प चुनें।
  8. ऊपर्युक्त सभी सेटिंग को एप्लाई करें।
  9. अब नोटपैड, वर्डपैड जैसे किसी अनुप्रयोग को खोलकर यह चेक करें कि शॉर्टकर्ट काम कर रहा है या नहीं। Left ALT + SHIFT + Key 1 दबायें और देखें कि हिन्दी में लिख पा रहे हैं या नहीं।


फीचर-

मैं इसके बहुत से फीचरों के बारे में पहले ही बता चुका हूँ। एक बार चित्र के मध्यम से देखते हैं-

स्टेटस विंडो-

जब आप लैंग्वेज बार सक्रिय कर लेंगे और गूगल का विकल्प जोड़ लेंगे तो IME सक्रिय करने का शॉर्टकर्ट चलाते ही आपके स्क्रीन पर इस टूल का स्टेटस दिखाई देगा।



संपादन खिड़की-

स्क्रीन पर गूगल IME का विंडो दिखते ही आप नोटपैड सरीखे किसी अनुप्रयोग को खोलें और टाइप करना शुरू करें। जब आप 'googl' टाइप करेंगे तो निम्नलिखित तरीके से विकल्प दिखेंगे-



नेविगेशन और चयन-

बाय-डिफाल्ट सबसे बायाँ विकल्प आपका सक्रिय चयन है। आप अपना चयना BOTTOM-ARROW या TAB बटन द्वारा बदल सकते हैं। विकल्पों पर आगे बढ़ जाने के बाद पीछे के विकल्प/विकल्पों पर लौटने के लिए UP-ARROW या SHIFT+TAB बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मुश्किल लगे तो माउस राजा तो है हीं। Enter बटन को दबाकर वांछित शब्द इमसर्ट कर सकते हैं। SPACE या कोई PUNCTUATION CHARACTER (विराह चिह्न) आदि बटनों का प्रयोग करके भी शब्द को पूरा टाइप किया जा सकता है। CTRL+ के शॉर्टकर्ट से भी आप प्रदर्शित विकल्पों में से वांछित विकल्प चुन सकते हैं। जैसे दूसरा विकल्प चुनने के लिए CTRL+2 -




शब्द-पूर्ति-

जब आप इस संपादित्र (एडीटर) के माध्यम से कोई शब्द टाइप करते हैं तो यह सारे संभावित शब्द युग्मों को काले और नीले रंगों में दिखाता है। काले रंग के बैकग्राउंड में प्रदर्शित हो रहे शब्द आपके द्वारा टंकित रोमन अक्षरों से सम्भावित शब्द है और नीले रंग के बैकग्राउंड में प्रदर्शित होने वाले शब्द शब्दकोश के शब्द हैं।

पेजिंग-

हमने जिस सेटिंग पर चर्चा की, उसमें 1 बार में 5 शब्द प्रदर्शित होते हैं। सेटिंग से आप इसे 6 तक बढ़ा सकते हैं। लेकिन मान लें कि इस टूल के पास आप द्वारा टंकित अक्षरयुग्मों के लिए 5 या 6 से अधिक सुझाव हैं तो यह 1 से अधिक पृष्ठों में सभी शब्द प्रदर्शित करेगा। आप देखेंगे कि ऊपर और नीचे जाने का Arrow नेविगेशन चमकने लगेगा। आप PAGEUP, PAGEDOWN बटन से भी इन विकल्पों के बीच दौड़ सकते हैं।



खोज-

किसी भी समय जब आप इस संपादित्र में टाइप कर रहे हों, दायें कोने में गूगल के ऑइकॉन पर क्लिक करके उस शब्द (हाइलाइटेड) से संबंधित गूगल खोज कर सकते हैं। गैरसक्रिय विकल्पों पर बने डाउनएरो(DownArrow) के निशान पर क्लिक करके उस विशेष विकल्प से संबंधित गूगल खोज कर सकते हैं।




प्रयोक्ता कैशे (USER CACHE)-

कम्प्यूटर के लिए कैशे एक अस्थाई स्मृति होती है जो कभी पहले इस्तेमाल किये गये डाटा के रूप में संग्रहणित होती है। कई दफ़ा स्मृति आधारित बहुत से कम्प्यूटर अनुप्रयोग अपनी इसी स्मृति की मदद से बहुत तेज़ काम करते हैं, तेज़ परिणाम देते हैं।

गूगल का यह आईएमई टूल भी प्रयोक्ता द्वारा सुझाये गये विकल्पों को अपने कैशे मेमोरी में संचित करके रखता है और अगली दफ़ा आपको वांछित परिणाम देता है। उदाहरण के लिए- मान लें कि आपने इस संपादित्र की मदद से रोमन में 'program' टाइप किया। यह टूल पहले आउटपुट के रूप में 'प्रोग्राम' दिखाया, लेकिन आपको दूसरा विकल्प 'प्रोगराम' वांछित था। आपने उसे एरो बटन या माउस द्वारा चुना।



जब आप अगली बार ''program' टाइप करेंगे तो गूगल का यह IME टूल आपके सुझाव और आपकी चाहत को ध्यान में रखेगा और पहले विकल्प के रूप 'प्रोग्रराम' दिखायेगा। नीचे दिखाये गये चित्र की तरह-




दो भाषाओं को आपस में बदलना-

आप इस टूल की मदद से पहले की तरह अंग्रेज़ी और हिन्दी भाषा दोनों के शब्द अपने एक ही कीबोर्ड से लिख सकते हैं। जब आईएमई सक्रिय हो, आप F12 या Ctrl+G की मदद से रोमन और देवनागरी को आपस में बदल सकते हैं।



आप चाहें तो आपके कम्प्यूटर स्क्रीन पर बने ऑइकॉन की मदद से 'अ' पर क्लिक करके 'A' और 'A' पर क्लिक करके 'अ' कर सकते हैं। 'अ' इस बात का सूचक है कि टाइपिंग-आउटपुट देवनागरी में होगा और 'A' इस बात का सूचक है कि टाइपिंग-आउटपुट रोमन में होगा।

कीबोर्ड-

गूगल ने इस बार एक इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड का विकल्प भी दिया है, जिसमें हिन्दी के सभी स्वर, व्यंजन, विराम चिह्न इत्यादि एक क्रम में सजे हुए हैं। इस कीबोर्ड की मदद से आप बहुत से जटिल और दुर्लभ शब्द या अपनी मर्ज़ी के सार्थक-निरर्थक शब्द अपने आलेख में जोड़ सकते हैं। जैसे यदि आप कीबोर्ड की मदद से 'यक्ष' लिखना चाहें तो कीबोर्ड से 'य' और 'क्ष' का बटन दबायें आपका काम हो जायेगा।

यह कीबोर्ड स्टेटस विंडों (कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाला IME का ऑइकॉन) पर बने कीबोर्ड के ऑइकॉन पर क्लिक करके खोला जा सकता है या कीबोर्ड शॉर्टकर्ट Ctrl+K द्वारा खोला जा सकता है। माउस द्वारा वांछित अक्षर का चुनाव कर सकते हैं। माउस से स्टेटस विंडो पर बने कीबोर्ड के ऑइकॉन पर दुबारा क्लिक करके, या Ctrl+K दबाकर या Esc का बटन दबाकर इसे बंद किया जा सकता है।

गूगल ने पहली बार ZWJ और ZWNJ का विकल्प भी इस कीबोर्ड में दिया है। मैं यूनिप्रशिक्षण के दौरान कई बार इन दोनों के महत्व का उल्लेख कर चुका हूँ। आज संक्षेप में दुबारा लिखता हूँ-

ZWJ- Zero Width Joiner (शून्य चौड़ाई वाला योजक)- मतलब दो व्यंजनों को जोड़ने वाला ऐसा योजक जिसकी चौड़ाई शून्य हो। जैसे जब हम सामान्य तरीके से एक आधा व्यंजन और उसके बाद पूरा व्यंजन लिखते हैं तो दोनों मिलकर कई बार बहुत अजीब सा (अवांछित) रूप धर लेते हैं। जैसे जबकि हम 'रक्‍त' लिखना चाहते हैं, लेकिन इसका रूप 'रक्त' जैसा हो जाता है। असल में हम 'रक्‍त' इसी ZWJ की मदद से लिखते हैं। मतलब यह जोड़ भी देता है और कोई स्थान भी नहीं घेरता।
रक्त= र+क्+त
रक्‍त=र+क्+ZWJ+त

या मान लें आपको को 'क्‍', 'ख्‍', 'ग्‍'.....'च्‍', 'छ्‍'.....'त्‍', 'थ्‍' इत्यादि लिखना है तो ZWJ का इस्तेमाल करना होगा।
जैसे ग्‍= ग्+ZWJ

ZWNJ- Zero Width Non Joiner (शून्य चौड़ाई वाला अ-योजक)- मतलब दो व्यंजनों को पारस्परिक अलग-अलग दिखाने का उपाय जिससे हम व्यंजन के पूर्ण शुद्ध रूप को निरूपित कर सकते हैं, भले ही उसके बाद कोई व्यंजन ही आये। अमूमन हिन्दी में किसी पूर्ण शुद्ध व्यंजन के बाद कोई व्यंजन जुड़ते ही उसके आकार में कुछ विकार आ जाता है, लेकिन कई बार हम उसे अलग करके दिखाना चाहते हैं, जिसके लिए ZWNJ का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे मान लें कि 'रक्त' आप ना तो 'रक्त' की तरह और ना ही 'रक्‍त' की तरह दिखाना चाहते हैं बल्कि आप 'रक्‌त' की तरह दिखाना चाहते हैं तब आप ZWNJ का इस्तेमाल करेंगे।
रक्‌त= र+क्+ZWNJ+त




अनुकूलन-

इस टूल में अपने हिसाब से अनुकूलन करने का विकल्प भी मौज़ूद है। आप स्टेट्स विंडों में सेटिंग के ऑइकॉन पर क्लिक करके 'Suggestion Font' से यूनिकोड का फॉन्ट, साइज़ और बोल्ड, इटैलिक, अंडरलाइंड इत्यादि जैसे कस्टोमाइजेशन कर सकते हैं। आप मंगल और Arial Unicode MS के अलावा भी जैसे गार्गी, जयपुर यूनिकोड, जनहिन्दी इत्यादि जैसे यूनिकोड फॉन्ट (यदि आपने इसे अपने सिस्टम में अलग से डाल रखा है तो) जैसा कोई और फॉन्ट चुन सकते हैं।

अंग्रेज़ी के शब्दों के लिए फॉन्ट कस्टोमाइजेशन कर सकते हैं। पेज़ साइज़ बदल सकते हैं (एक पेज़ में कितने विकल्प दिखाने हैं)।

जिस प्रयोक्ता कैशे का उल्लेख मैंने ऊपर किया आप चाहें तो उसे निष्क्रिय भी कर सकते हैं, क्योंकि कई बार आप बहुत अजीब या कम प्रयोग में आने वाला शब्द टाइप करते हैं और आप नहीं चाहते कि चालू शब्द पहले नं॰ पर आना बंद हो।




मैंने गूगल के अंग्रेज़ी ट्यूटोरियल की मदद से, खुद से प्रयोग करके और कुछ पुराने अनुभवों के माध्यम से इस टूल के बारे में बताने की कोशिश की है। फिर भी यदि आपको कोई परेशानी आये तो लिखें।

यदि प्रयोक्ताओं को इस ट्यूटोरियल से बात समझ में नहीं आ पाती तो मैं वीडियो ट्यूटोरियल लेकर उपलब्ध होऊँगा।

71 comments:

अनुनाद सिंह December 19, 2009 at 6:16 PM  

इतनी मेहनत करके इस उपयोगी हिन्दी औजार का ट्यूटोरियल लिखने के लिये साधुवाद!

Sanjay Kareer December 19, 2009 at 6:17 PM  

बहुत शानदार विवरण है। गूगल IME उन लोगों के लिए निस्‍संदेह बहुत उपयोगी होगा जो हिंदी टाइपिंग नहीं कर पाते और ट्रांसलिटरेशन से काम करते हैं। आपने काफी विस्‍तार से सचित्र विवरण दिया है। सीखने के इच्‍छुक नए लोगों के लिए यह जानकारी काफी महत्‍वपूर्ण होगी। शुक्रिया शैलेष जी।

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI December 19, 2009 at 10:20 PM  

शैलेश जी बढ़िया समझाया है ......मास्टर के सब समझ में आ गया है !

Fakeer Mohammad Ghosee December 21, 2009 at 9:27 AM  

Bahut Accha isse sabhi ko fayda hoga

Anonymous December 23, 2009 at 3:10 PM  

atiuttam

संजय बेंगाणी December 26, 2009 at 6:26 PM  

सुन्दर

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI December 29, 2009 at 3:13 PM  

ब्लॉग मदद पर आपके ट्यूटोरियल का लिंक दिया है….…शायद कुछ और लोग लाभान्वित हो सकें?
कल सुबह पोस्ट आयेगी |

Avadh Lal December 29, 2009 at 10:50 PM  

Dhanyavaad bahut bahut. Par mera google Hindi Input Installer bahut samay le raha hai. Kya karan ho sakta hai?

हिमांशु । Himanshu December 30, 2009 at 11:09 AM  

बहुत ही सहज और सरल ढंग से समझाया है आपने । सब समझ में आ गया । अभी डाउनलोड करता हूँ, कोई दिक्कत होगी तो फिर आऊँगा । आभार ।

Rajan January 3, 2010 at 11:59 PM  

मै आपका कितना शुक्र गुजार हूँ कह नहीं सकता .... नेट पर सारे आप्शन छान मारे पर मुझे मेरे मन का टूल नहीं मिला था, ऑरकुट के स्क्रैप में टाइप कर के ब्लॉग पर पेस्ट करता था ..... आपका बहुत आभार ....

िकरण राजपुरोिहत िनितला January 5, 2010 at 1:09 PM  

नमस्कार और नये साल की शुभकामनाऐं
आवाज का कोई जवाब नही। यह अनुपम है।
किन्तु हम रेखाचित्र और तैल चित्र बनाने वाले भी आवाज पर दिखना चाहते है। हमें भी धन्य कीजिऐ ना।
आपकी आभारी
किरण राजपुरोहित नितिला

प्रदीप जिलवाने January 8, 2010 at 3:50 PM  

भाई आपने मेरी बहुत-सी मुश्किलें आसान कर दी.
बहुत बहुत धन्‍यवाद.

प्रदीप जिलवाने, खरगोन म.प्र.
http://pradeep-jilwane.blogspot.com/

choupal February 4, 2010 at 1:17 PM  

इतनी उपयोगी बहुमूल्य जानकारी वह भी इतने विस्तार से देने के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं बधाई ..!आपने हमेशा मेरा सहयोग किया पुन: धन्यवाद !

Anonymous February 12, 2010 at 8:06 PM  

Sriman, Main nahi janta ki main kitni safalta pa sakoonga, kintu main aapko sadhuwaad dete hue vishwas dilata hoon ki seeghra hi aur awkash pate hi main ise Download karoonga. Ye mere liye nitant prayojaneeya siddha hoga,
Vijay Kayal

mrityutalks February 20, 2010 at 10:56 PM  

बहुत ही ज्ञानवर्धक लेख है.पढ़ कर बहुत सी मुश्किलें आसान हो गयी हैं पर हालाँकि कहते हुए ‍शर्म आ रही है पर यह बताना जरुरी है कि अभी मैं विराम चिन्हों का समुचित प्रयोग नहीं कर पा रहा हूँ और अभी भी पूर्ण विराम के लिए मैं डॉट का ही प्रयोग कर रहा हूँ. कृपया मदद कीजिये.

vinod saraswat February 28, 2010 at 7:57 PM  

hukum, o to bhot hi aachho chhe. o to mhaa rajasthania re bhi kaam aavela. kyuke mhaari do lipia mudia ar mahaajani ro mhaare baderaa hindi ar devnaagri ne panpaavan saaru balidan de diyo. ar aaj raa taabar roman ar devnaagri ne taal ne duji lipi samjhe koni. so devnaagri ro vapraav mhaa rajasthania ri bhi majboori chhe.aapne in saaru lakhdaad ne khama ghani saa.

PADMSINGH March 10, 2010 at 9:33 AM  

अभी भी आपके इस पोस्ट के बारे में कम लोग जान पाए हैं अगर इजाज़त हो तो इसके सम्बन्ध में अपने ब्लॉग पर कुछ लिख दूँ ... वैसे ये विधि अनुपम है... मैंने बहुत टूल ट्राई करने के बाद इसे पाया और आज बहुत खुश हूँ इसे पा कर और कम से कम अपने बीसों दोस्तों को इसे इस्तेमाल करना सिखा चुका हूँ
बहुत आभार आपका

addictionofcinema April 1, 2010 at 3:51 PM  

bahut gazab samjhaye ho guru
mere jaise computer illeterate ko samajh aa gaya to sabko aa jayega
bahut badhai

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह April 12, 2010 at 11:47 PM  

bhai ji ,aapney ye post to likh dee par instaaler cd kaha se laye.?kripaya koi saral rasta batana chahenge kya?
sader,
dr.bhoopendra
jeevansandarbh.blogspot.com

kashi nath May 23, 2010 at 12:56 PM  

kafi achha laga .mai v hindi me type sikhana chahata hun

kamal lodha May 23, 2010 at 6:54 PM  

thank u sir

girdhari khankriyal June 15, 2010 at 6:14 PM  

Bharwasi ji maine apne blog mein translitration to lagaya hai aur likhta bhi hindi mein hon kintu jab kisi blog mein tippni likhta hon to wahan hindi mein change nahi hota hai jaise isi tipani ko dekhiye eske liye kuch sujhaye. jankari uplabhdh karaane ke liye sadhuwad!

विजय प्रकाश सिंह August 24, 2010 at 6:39 PM  

Shailesh jee,

Thanx, For giving details & steps in such a simple language, I have just installed & using the tool.

Manoj Kumar August 31, 2010 at 10:46 AM  

bahut achha laga. dhanyavad.

रंजन September 9, 2010 at 3:07 PM  

काफी समय से उपयोग कर रहा था.. पर crtl + k का फंडा आज समझ आया..

थैंक्स..

विजय ठाकुर September 26, 2010 at 3:07 PM  

naa jaane kitne din baad hindiyugm par aa sakaa hoon, lekin poore dal kii mehnat dekhkar dil baag baag ho gayaa. mujhe poora vishwas jab tak hame apni bhasha se pyar hai uskaa kuchh bhi nuksaan nahi ho saktaaa, apne saadhivaad ke saath.
Vijay Thakur

Anonymous October 24, 2010 at 9:24 AM  

Its just simply Gr8

vinnsha November 3, 2010 at 11:29 PM  

'हिन्दी में टाइप करने का सरलतम साधन' कि जानकारी आपने अपने उक्त लेख के द्वारा देकर के आपने अंगरेजी न जानने वालों की बहुत मदद की है. उसी के परिणामस्वरूप मैं ये दो पंक्तियाँ आप तलक पहुँचाने में समर्थ हो पाया हूँ. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद.

vinnsha November 4, 2010 at 4:45 PM  

'हिन्दी में टाईप करने का सरलतम साधन' की जानकारी आपने अपने उक्त लेख के द्वारा पाठकों को देकर के आपने अंगरेजी न जानने वालों की बहुत मदद की है| उसी के परिणामस्वरूप मैं ये दो पंक्तियाँ यहाँ पर लिखकर आप तलक पहुँचाने में समर्थ हो पाया हूँ| आपका बहुत-बहुत धन्यवाद|

Anonymous November 7, 2010 at 5:56 AM  

Mac ke liye kuchh batayen...

अश्विनी कुमार रॉय November 26, 2010 at 10:06 PM  

आपने हिन्दी टाइपिंग के विषय में बहुत अच्छी और सटीक जानकारी उपलब्ध कराई है. इसके लिए आपको बहुत बधाई और साधुवाद. हमारे कई मित्रों के पास अंतर्जाल सुविधा न होने से वे इसका समुचित लाभ नहीं ले पाते. क्या ऐसा संभव है कि बिना अंतर्जाल पर जाये यूनिकोड को अपने कम्पूटर में इंस्टाल कर सकें? यदि हाँ तो इस यूनिकोड को कहाँ से और कैसे इंस्टाल कर सकते है? अधिकतर लोगों के पास विंडो की इंस्टालर सी डी न होने से वे ईस्ट एशियन लेंग्वज फाइल इंस्टाल नहीं कर पाते. क्या ऐसा संभव है कि उन्हें इसको इंस्टाल करने के लिए अंतर्जाल पर कोई लिंक उपलब्ध करवा सकें?

Rajan chopra January 1, 2011 at 5:33 PM  

आप कोटि कोटि प्रणाम. सच कहू तो मजा आ गया.
गूगल का यह टूल बहुत बेहतरीन है

ajit gupta January 11, 2011 at 6:12 PM  

मैं प्रारम्‍भ से ही आई एम ई सेटअप से काम करती हूँ लेकिन अभी मैंने लेपटाप पर विण्‍डोज 7 ली है जिसमें 64 बिट हैं इस कारण उसमें आईएमई सेटअप चल तो गया है लेकिन एक कठिनाई आ रही है। वर्ड में कार्य करते समय सबकुछ ठीक है लेकिन जैसे ही टिप्‍पणी करते समय मेल पर लिखते हैं तब एक शब्‍द से दूसरे शब्‍द के लिए दिए जाने वाले स्‍पेस को दो बार स्‍पेस बार दबाना पड़ रहा है। समझ नहीं आ रहा कि इसे कैसे सुधारूं। कई बार दोबार इंस्‍टाल भी कर लिया लेकिन समस्‍या ज्‍यों की त्‍यों हैं।

Anonymous January 15, 2011 at 7:56 PM  

शुक्रिया इसके स्तेमाल से मैं बहुत खुश हूँ.

Sitaram Prajapati February 7, 2011 at 8:30 PM  

ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, बहुत दिनों से बरहा डाइरेक्ट काम में ले रहा था लेकिन यह ओजार तो बहुत अच्छा काम कर रहा है!

पद्म सिंह February 13, 2011 at 10:19 PM  

windows XP मे इन्स्टाल करने पर कभी कभी समस्या आती है कि कंप्यूटर एक्सपी की सीडी मांगता है या फाइल नीडेड कहता है क्या कारण है ?

KESHVENDRA February 27, 2011 at 1:05 PM  

शैलेश भाई, आपने हिंदी टाइपिंग की ये जानकारी देकर बहुत ही अच्छा काम किया है और इस जानकारी से ढेर सारे हिंदी भाषियों को अपनी भाषा अपनी लिपि में लिखने में सहूलियत होगी. इस शुभ कार्य के लिए आपको साधुवाद और ढेर सारी बधाई.

यादें March 4, 2011 at 5:55 PM  

शैलेश भाई, नमस्कार!
कृपया एक जानकारी जरा विस्तार से दें |
ZWJ or ZWNJ का प्रयोग कैसे करें ?
आभार होगा !

prabhat April 13, 2011 at 1:53 PM  

ji mai apse baat karna chaaunga kya aap mujhe apna email address prabhatkumar.bhardwaj@gmail.com par bhejengi

Anonymous May 12, 2011 at 9:51 PM  

इंस्टॉलर सीडी kya hai?kripya bataiye.

sks_the_warrior July 11, 2011 at 6:50 PM  

बेहद उत्तम जानकारी... मैंने प्रयोग करना शुरू कर दिया है .. काफी लोगो को भी सिखा रहा हूँ .. दूर-दराज़ के रिटायर्ड लोगो को खासकर... मै पिछले २ महीने से प्रयोग कर रहा हूँ..इस बीच २०-२५ लोगो को ट्रेनिंग प्रक्तिकली भी डे चूका हूँ .. साधुवाद.. https://www.facebook.com/realfighar

Anonymous October 4, 2011 at 3:45 PM  

मजा आ गया

Anonymous October 7, 2011 at 9:48 AM  

हे हिंदी सेवक इस उपकार के लिए सतत नमन! अब मैं मात्र भाषा में बभी लिख सकता हूँ

Lalit Bhushan (ललित भूषण) December 15, 2011 at 2:03 PM  

गूगल ट्रांसलिटरेशन वास्‍तव में ध्‍वन्‍यात्‍मक कीबोर्ड के आधार पर अंग्रेजी से हिंदी लिखने का अच्‍छा तरीका है। पूरी ‍जानकारी देने के ि‍लए धन्‍यवाद।

shergill1974 December 31, 2011 at 9:11 PM  

ये तो बहुत बढियाँ है

संजीव कुमार January 15, 2012 at 6:28 PM  

Linux में हिन्दी में कैसे लिखें इसका का भी कोई तरीका बता देते तो ये मेरे लिए ज्यादा उपयुक्त होता क्यों की मैं ubuntu काम में लेता हूँ।
अभी तक तो इस काम के लिए मैं 1 html code लिखकर उसको browser में ओपन करता हूँ जैसे 1 फाइल .html फाइल में ँ लिखूंगा तो वह "क" बन जायेगा

arjunbasak@gmail.com January 27, 2012 at 10:49 PM  

बहुत बहुत धन्यवाद. मैंने इस ऑफ लाइन फॉण्ट के लिए पहले भी प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हो पाया था. आपने बेहद सरल विधि से समझाया है और मैं अब लिख भी पा रहा हूँ. .... लेकिन क्या में इसे लिखने के लिए रेमिंगटन की लेआउट से लिख सकता हूँ यानी क्या मैं डी से क, सी से ब लिख सकता हूँ ? अगर हो सके तो बताएं आपको फिर से धन्यवाद . रिप्लाई एट माय मेल arjunbasak@gamil.com

ajit gupta January 28, 2012 at 1:03 PM  

अर्जुन जी, आपके प्रश्‍न का उत्‍तर मैं देती हूं। आइएमई डाउनलोड करने के बाद आप शो किबोर्ड पर जाइए। वहां कई कई की-बोर्ड है। उसमें एक रेमिंगटन का भी है। जेसे मैंने रेमिगटन-पीएनबी को सेलेक्‍ट कर रखा है तो आप डी से क और सी से ब लिख सकेंगे।

Anonymous February 9, 2012 at 8:00 PM  

dhanywad

vinod baisla July 5, 2012 at 8:06 PM  

गूगल ट्रांसलेटर के बारे में पढ़ा। बहुत ही अच्छा टूल है हिन्दी त्यपिंग के लिये। लेकिन जैसा की हम सभी जानते है हमारे भारत मे ज़्यादातर माइक्रोसॉफ़्ट विंडोज का इस्तेमाल होता है। इसलिए मैं एक ऐसे टूल के बारे मे जानकारी देना चाहूँगा जो की स्वयं माइक्रोसॉफ़्ट के द्वारा बनाया गया है। मैं शर्त के साथ कह सकता हूँ की इस टूल के इस्तेमाल के बाद आप सभी गूगल टूल को भूल जाएंगे।
इस्स टूल को अपने कम्प्युटर मे इस्तेमाल करने के लिए कृपया नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें:-

http://specials.msn.co.in/ilit/HindiPreInstall.aspx

इस टूल के बाबत मुझसे बात करने के लिए कृपया मुझे फेस्बूक पर मैसेज भेजे।
मेरा फेसबूक अकाउंट निम्नलिखित है:-

http://www.facebook.com/vinod.baisla

धन्यवाद।

sunil khindawat July 10, 2012 at 8:13 PM  

एस सोफ्टवेयर ने तो बस मेरी मन की मुराद ही पूरी कर दी है धन्यबाद

ABHIJEET ANAND July 20, 2012 at 10:52 PM  

someone tell me how to install for 64-bit system

सोनाली September 14, 2012 at 1:59 PM  

कि र्बोड र्शोटकर्ट कि जानकारी

kishan kumar December 31, 2012 at 8:46 AM  

बहुत सुंदर काफी बढ़िया हे हमरे काफी कम आएगा सादुवाद /

Anonymous January 19, 2013 at 11:16 PM  

sir, great effort by u.thank u very much.

KD Parivar February 6, 2013 at 10:52 PM  
This comment has been removed by the author.
KD's Vipin K. Sharma February 6, 2013 at 11:03 PM  

वाह साहब वाह! क्या शानदार, मददगार लेख लिखा है!
वाकई बेहतरीन जानकारी देने वाला और भरपूर मदद करने वाला है आपका लेख.
यूँ तो मैंने हिंदी में टाइपिंग का कोर्स किया हुआ है और मैं बड़े आराम से standard की बोर्ड पर आराम से टाइप कर लेता हूँ. परन्तु हिंदी भाषा में कुछ लिख कर नेट पर अप लोड करने के लिए हिंदी की standard टाइपिंग से कोई मदद नहीं मिलती.
आपके बताये रास्ते पर चल कर मैं आसानी से ये काम कर पा रहा हूँ. आपके लिए ये धन्यवाद ज्ञापन इसी प्रोग्राम का इस्तेमाल करके तैयार किया है.
आपकी इस अनमोल मदद के लिए हृदय से हार्दिक धन्यवाद.
एक मदद और चाहता हूँ. कृपया द्वारा को सही तरह से लिखने का तरीका बताएं.
कृपया भविष्य में भी इसी तरह से मदद करते रहें.
आपका शुभचिंतक
विपिन कुमार शर्मा
द्वारा के. डी. परिवार – सफलता की शिक्षा व ज्ञान को समर्पित एक परिवार
http://kdparivar.blogspot.in/

Samkit Jain February 25, 2013 at 4:31 PM  

शानदार, बहुत बहुत धन्यवाद

swamiji tiwari April 27, 2013 at 3:26 AM  

mooze etana bada yah lekha samaz me nhi aaaya...mai twitter pe hu muje hindi me likhna hai akdam shortkat batao yar...

Anonymous May 9, 2013 at 10:28 PM  

Hello There. I discovered your weblog using msn.
That is a really well written article. I'll make sure to bookmark it and come back to read extra of your useful info. Thank you for the post. I will definitely comeback.

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Narendra Dev May 31, 2013 at 2:11 AM  

Very usefull !

Dharmesh May 31, 2013 at 10:46 PM  

बहुत अच्छा आर्टिकल है मैंने इसका उपयोग करके यह कमेंट आसानी से लिख पाया हूँ एक बार पुन: धन्यावाद

Gangesh Gunjan August 3, 2013 at 3:39 PM  

बहुत -बहुत उपयोगी अत: सुन्दर !
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rakesh dhakare August 23, 2013 at 1:19 AM  

अत्यंत उपयोगी , बहुत बढ़ियां,आपको इसे लिखने के लिए बहुत बहुत साधुवाद,

Hiren Dahime September 5, 2013 at 8:05 AM  

Dear sir,

I am unable to type in Gujarati, Hindi in photoshot/corel draw with IME tools installed.

Kindly help me.

veeru September 12, 2013 at 9:40 AM  

thanks a lot the that important information

Mohmmad Anjum jafri October 11, 2013 at 3:57 PM  

bohat dhnyawad janaab

Mukesh Mali February 26, 2014 at 11:03 AM  

शुक्रिया इसके स्तेमाल से मैं बहुत खुश हूँ.

santosh bhardwaj March 22, 2014 at 3:11 PM  

कृप्या बताने की कष्ट करें की भरद्वाज में द और व संयुक्त कैसे लिखा जाएगा

Tarun Pant April 27, 2014 at 11:50 AM  

बहुत बहुत धन्यवाद् | वास्तव में बहुत ही अच्छी चीज़ है ये

सुरेश June 26, 2014 at 12:37 PM  

बहुत बढ़िया सुन्दर हिंदी लेख लिखा है आपने.

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